मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शाम मथुरा पहुंचे और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया। वैदिक मंत्रोच्चारण, मृदंग-मंजीरे की मंगल ध्वनि और हरिनाम संकीर्तन के बीच मुख्यमंत्री का स्वागत हुआ।
शाम करीब 4:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचे। यहां श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और प्रबंध समिति के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने प्रसादी पटुका ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान पूजाचार्यों ने मंगलार्चन और स्वस्तिवाचन के साथ वैदिक परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले भगवान श्री केशवदेव महाराज को माल्यार्पण और चंदन अर्पित किया। इसके बाद उन्होंने अष्टभुजा मां योगमाया के दर्शन किए। वैदिक मंत्रों के बीच मुख्यमंत्री गर्भगृह में पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण की तुलसी एवं पुष्प अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की।
पूजन के बाद मुख्यमंत्री भागवत भवन से निकलकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पवित्र लीलामंच पर पहुंचे, जहां भजन और रसिया गायन का कार्यक्रम चल रहा था। योगी आदित्यनाथ को अपने बीच पाकर हजारों श्रद्धालु उत्साह से झूम उठे। जय-जयकार और हरिनाम संकीर्तन के बीच माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। मुख्यमंत्री ने भी श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर पुष्प वर्षा की और उनके साथ भक्ति रस में सराबोर नजर आए। इस दौरान कई श्रद्धालु योगी आदित्यनाथ के साथ जय-जयकार करते हुए झूमते दिखाई दिए। बच्चों के बीच भी खास उत्साह देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रसाद स्वरूप चॉकलेट वितरित की।
मुख्यमंत्री की इस यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति, उत्साह और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालु मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर अभिभूत नजर आए और पूरे परिसर में “जय श्रीकृष्ण” और “योगी आदित्यनाथ” के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही।