जागरण टुडे,गुड्डू यादव, कासगंज।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले की महिलाओं ने समाज में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर चार महिलाओं ने शिक्षा, आत्मनिर्भरता, सम्मान और समान अवसरों पर जोर देते हुए समाज को सकारात्मक संदेश दिया।
जिला अस्पताल की प्रतिष्ठित डा. अंजू यादव ने कहा कि आज के समय में महिलाओं के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। जब एक महिला शिक्षित होती है तो वह पूरे परिवार को शिक्षित और जागरूक बनाती है। उन्होंने कहा कि बेटियों को बेटों के समान शिक्षा और अवसर मिलना चाहिए, तभी समाज का वास्तविक विकास संभव है।
एसडीएम व सोरों ईओ प्रभारी हर्षिता देवडा ने महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज को महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने चाहिए, जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
स्टाप नर्स अंजू यादव ने कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा का वातावरण बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को सुरक्षित माहौल नहीं मिलेगा, तब तक वे पूरी क्षमता के साथ आगे नहीं बढ़ पाएंगी। उन्होंने परिवार और समाज से महिलाओं के सम्मान और सहयोग की अपील की।
पटियाली सीएचसी पर तैनात डा, पल्लवी दास अपने बच्चों की देखभाल के साथ साथ ड्यूटी की जिम्मेदारी भी शामिल रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज कई योजनाएं और कानून महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए बनाए गए हैं, लेकिन उनकी जानकारी हर महिला तक पहुंचना जरूरी है। जागरूकता के माध्यम से महिलाएं अपने अधिकारों का बेहतर उपयोग कर सकती हैं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के इन विचारों ने यह संदेश दिया कि यदि समाज में शिक्षा, सम्मान, सुरक्षा और अवसरों की समानता सुनिश्चित की जाए, तो महिलाएं न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। महिलाओं का सशक्तिकरण ही एक मजबूत और प्रगतिशील समाज की नींव है।