बरेली जिले के विकास खंड मीरगंज के मनरेगा कर्मियों ने
लंबे समय से मानदेय भुगतान न होने से आक्रोश जताते हुए जिलाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और मुख्य विकास
अधिकारी बरेली को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी मीरगंज आनद विजय यादव को सौंपा।
ज्ञापन में
कर्मियों ने बताया कि जनपद बरेली में कार्यरत मनरेगा कर्मचारी विभागीय निर्देशों
के अनुसार जनपद के लक्ष्यों की पूर्ति में लगातार योगदान दे रहे हैं। इसके साथ ही
उन्होंने विभागीय कार्यों के अतिरिक्त एसआईआर, क्रॉप सर्वे सहित कई अन्य सरकारी कार्यों में भी सक्रिय
भूमिका निभाई है।
कर्मियों का आरोप
है कि विभागीय शिथिलता के कारण उन्हें जुलाई 2025 से अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। साथ ही ईपीएफ
की देय राशि भी काफी समय से लंबित चल रही है। उन्होंने बताया कि दीपावली पर भी
वेतन नहीं मिल पाया और अब होली पर भी भुगतान न होने से कर्मचारियों की पारिवारिक
जिम्मेदारियां गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं।
मनरेगा कर्मियों
ने कहा कि आर्थिक संकट के कारण वे विभागीय दायित्वों और पारिवारिक जिम्मेदारियों
के बीच संतुलन नहीं बना पा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में कुछ
स्थानों पर ग्राम रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों द्वारा वेतन न मिलने के कारण
आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं, जो बेहद चिंताजनक और संवेदनशील विषय है।
कर्मचारियों ने
आरोप लगाया कि लंबे समय से मानदेय न मिलने के बावजूद उनसे लगातार कार्य कराया जा
रहा है, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान
हैं। उन्होंने शासन से जल्द से जल्द लंबित मानदेय और ईपीएफ भुगतान कराने की मांग
की है।
ज्ञापन देने वालों
में विकास खंड मीरगंज के मसूद हसन खां, महेंद्र पाल, मुकेश कुमार, जय सिंह, रोहिताश कुमार, धर्मेंद्र देव शर्मा, नवल गुप्ता, धर्मेंद्र पाल, होते लाल, विनोद, रोहित सक्सेना, राजपाल, नेमचंद, ममता शर्मा, आशीष वर्मा, गजेंद्र सिंह, अजय पाल सिंह, महेश पाल और मुनीश कुमार सहित कई मनरेगा
कर्मी मौजूद रहे।