जागरण टुडे, कासगंज।
जिले के विकास भवन परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब वेतन न मिलने से नाराज एक ग्रामीण सफाई कर्मी करीब 50 फुट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया और आत्महत्या की धमकी देने लगा। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचे मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने काफी देर तक समझा-बुझाकर कर्मचारी को सुरक्षित नीचे उतरवाया।
जानकारी के अनुसार सोरों कस्बा निवासी करीब 45 वर्षीय अजीत कुमार ग्रामीण सफाई कर्मी के पद पर कार्यरत हैं। उनकी तैनाती तिमुरिया गांव में बताई जा रही है। बताया गया कि अजीत कुमार पिछले करीब दस महीनों से सफाई का कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सात महीनों से वेतन नहीं मिला है। इसी बात से वह काफी परेशान और आहत थे।
बताया जाता है कि प्रधान प्रतिनिधि हेम सिंह की शिकायत के बाद उन्हें विभाग की ओर से नोटिस भेजा गया था। इस नोटिस के बाद कर्मचारी मानसिक रूप से और अधिक परेशान हो गया। बुधवार सुबह करीब 11 बजे अजीत कुमार विकास भवन परिसर में बनी करीब 50 फुट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए और आत्महत्या की धमकी देने लगे। उन्होंने कहा कि जब उन्हें वेतन ही नहीं मिलेगा तो वह जीवित रहकर क्या करेंगे।
टंकी पर कर्मचारी के चढ़ने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही मुख्य विकास अधिकारी बीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने काफी देर तक कर्मचारी को समझाने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि उसकी समस्या का समाधान कराया जाएगा तथा वेतन दिलाने की प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी। इसके बाद सफाई कर्मी सुरक्षित नीचे उतर आया।
वहीं सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि संबंधित कर्मचारी को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था और कई महीनों से उसका वेतन भी नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि कर्मचारी की समस्या को गंभीरता से नहीं सुना गया, जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान होकर यह कदम उठाने को मजबूर हुआ।
इस पूरे मामले में सीडीओ बीरेंद्र सिंह का कहना है कि कर्मचारी को पहले विभाग की ओर से नोटिस भेजा गया था। किसी ने उसे यह गलत जानकारी दे दी कि उसकी नौकरी खत्म कर दी गई है, जिससे वह आहत होकर पानी की टंकी पर चढ़ गया। फिलहाल कर्मचारी को समझाकर नीचे उतार लिया गया है और मामले की जांच कराई जा रही है।