जागरण टुडे, कासगंज।
जिले में एक ओर जहां घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत से आम उपभोक्ता परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर यही गैस सड़कों पर दौड़ रही गाड़ियों में धड़ल्ले से जलती नजर आ रही है। हालात यह हैं कि कई इलाकों में लोगों को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जबकि कुछ वाहन चालक घरेलू एलपीजी का अवैध रूप से उपयोग कर रहे हैं। इससे कालाबाजारी और अवैध उपयोग के आरोप भी सामने आ रहे हैं।
गैस उपभोक्ता अखिलेश यादव का कहना है कि जिले में घरेलू गैस की कालाबाजारी खुलेआम चल रही है। रसोई में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी गैस को अवैध तरीके से वाहनों में भरकर उपयोग किया जा रहा है। इससे न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि कुछ गैस एजेंसियों और बिचौलियों की मिलीभगत से घरेलू गैस का गलत इस्तेमाल हो रहा है। शहर के कई स्थानों पर छोटे सिलेंडरों या पाइप के माध्यम से वाहनों में गैस भरने के मामले सामने आ रहे हैं। कासगंज शहर के अशोकनगर इलाके में भी ऐसा ही मामला देखने को मिला, जहां एक व्यक्ति खुलेआम वाहनों और छोटे सिलेंडरों में गैस भरता नजर आया।
इस पूरे मामले को लेकर जब जिम्मेदार अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) कार्यालय में मौजूद नहीं मिले और उनकी कुर्सी खाली पड़ी रही। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब गैस की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं तो जिम्मेदार अधिकारी इस पर कब कार्रवाई करेंगे।
गैस उपभोक्त अभय कुमार, विश्वजीत सिंह चौहान का कहना है कि सिलेंडर की बुकिंग कराने के बाद भी कई-कई दिनों तक गैस की डिलीवरी नहीं हो पाती है। इससे लोगों को रसोई चलाने में भी कठिनाई हो रही है। वहीं दूसरी ओर वाहनों में घरेलू गैस के उपयोग से कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है।
स्थानीय लोगों और उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि घरेलू एलपीजी गैस की कालाबाजारी और वाहनों में इसके अवैध उपयोग पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और जिले में गैस की आपूर्ति व्यवस्था सुचारु हो सके।