जनपद बदायूं के थाना मुजरिया क्षेत्र में हुई कथित लूट की घटना का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि यह लूट की घटना फर्जी थी और रिकवरी के पैसे हड़पने के उद्देश्य से खुद ही योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से गायब किए गए 1,15,520 रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
यह कार्रवाई डॉ. बृजेश कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं के निर्देश पर अपराध नियंत्रण और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी सहसवान के पर्यवेक्षण में थाना मुजरिया पुलिस टीम ने मामले की गहन जांच कर पूरे प्रकरण का पर्दाफाश किया।
जानकारी के अनुसार 10 मार्च 2026 को रिकवरी एजेंट अभिनय मिश्रा पुत्र मुरलीधर निवासी ग्राम दहलिया, थाना परौर, जनपद शाहजहांपुर ने थाना मुजरिया में शिकायत दर्ज कराई थी कि समिति से वसूले गए 1,40,640 रुपये ग्राम कोल्हाई और सराय मंशुख के रास्ते में अज्ञात बदमाशों ने लूट लिए हैं। इस आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने जब गहन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की तो मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। पूछताछ में पता चला कि माइक्रो फाइनेंस कंपनी “शिखर अर्बन एंड रूरल एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड” की सहसवान शाखा के प्रबंधक विपिन पुत्र भगवानदास निवासी ग्राम नवादा श्यामपुर थाना जहानाबाद जनपद पीलीभीत और रिकवरी एजेंट अभिनय मिश्रा ने मिलकर पैसे हड़पने के उद्देश्य से फर्जी लूट की साजिश रची थी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी अभिनय मिश्रा ने बताया कि उसने समिति के सदस्यों से वसूले गए 25,510 रुपये कंपनी के खाते में ऑनलाइन जमा कर दिए थे, जबकि 1,15,520 रुपये नगद अपने पास रख लिए थे। बाद में इस रकम को एक गमछे में बांधकर घटनास्थल के पास पेड़ की झाड़ियों में छिपा दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर उक्त रकम बरामद कर ली।
गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर लोगों में विश्वास और मजबूत हुआ है।