जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद की तहसील कासगंज में भारतीय हलधर किसान यूनियन के पदाधिकारियों और किसानों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने नायब तहसीलदार गरिमा सिंह को जिलाधिकारी प्रणय सिंह के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लेखपालों पर किसानों के उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और कालाबाजारी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ज्ञापन सौंपते समय संगठन के युवा प्रदेश अध्यक्ष अरुण चौहान ने कहा कि कासगंज तहसील में कुछ लेखपाल किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं और विभिन्न कार्यों के नाम पर मनमानी उगाही की जा रही है। यूनियन ने ऐसे लेखपालों के खिलाफ तत्काल जांच कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने पटियाली तहसील में एंटी करप्शन टीम द्वारा एक अधिकारी की गिरफ्तारी को जिले के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यदि किसी उच्च अधिकारी की संलिप्तता हो तो वह भी सामने आ सके।
यूनियन ने कासगंज, सहावर और पटियाली तीनों तहसीलों में भ्रष्ट कर्मचारियों की गुप्त जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही जिले में गैस एजेंसियों द्वारा की जा रही कथित कालाबाजारी पर भी चिंता जताते हुए ऐसे डीलरों के लाइसेंस निरस्त करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
किसानों ने बाजरा खरीद में हुई कथित धांधलेबाजी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गेहूं खरीद में ऐसी स्थिति दोबारा न हो। इसके लिए प्रशासन पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि किसानों का गेहूं समय पर और उचित तरीके से खरीदा जा सके।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि तीनों तहसीलों में लेखपाल पैमाइश के नाम पर किसानों से अधिक धन की मांग करते हैं और समय पर पैमाइश नहीं करते, जिससे किसानों को बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
इसके अलावा यूनियन ने एक विशेष मामले का जिक्र करते हुए बताया कि ग्राम गढ़ी हरनाठेर में गाटा संख्या 219, जो सरकारी भूमि बताई जा रही है, उसका बैनामा कथित रूप से भू-माफिया अब्दुल जब्बार पुत्र अब्दुल गफ्फार द्वारा कर दिया गया है। यूनियन ने इस बैनामे को तत्काल निरस्त कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान यूनियन के कई पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।