राजेंद्र प्रसाद डिग्री कॉलेज, मीरगंज (बरेली)में आयोजित रोवर एवं रेंजर्स विभाग के शिविर प्रशिक्षण के दूसरे दिन विभिन्न गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एस. के. सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें स्वयंसेवकों को अनुशासन, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिए गए।
शिविर के दूसरे दिन आगंतुक प्रशिक्षक एवं जिला प्रशिक्षण अधिकारी पुष्पकांत शर्मा ने स्वयंसेवकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने गांठ लगाने की विभिन्न विधियों, आगजनी की स्थिति में सुरक्षा उपायों, समाज सेवा के महत्व, सुरक्षा मानकीकरण तथा शिविर कैंप की स्थापना की प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही स्वयंसेवकों को प्रार्थना गीत के माध्यम से सामूहिकता और अनुशासन की भावना भी सिखाई गई।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक ने बताया कि रोवर-रेंजर्स गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं को केवल शारीरिक रूप से सक्षम बनाना ही नहीं, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और सेवा की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि आपदा या किसी भी आपात स्थिति में रोवर-रेंजर्स के स्वयंसेवक समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए उन्हें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।
शिविर में स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें शिविर जीवन के अनुशासन, सामूहिक कार्यप्रणाली और समाज सेवा के प्रति जिम्मेदारी का भी बोध कराया गया।
इस अवसर पर रेंजर्स इकाई की लीडर डॉ. ममता रंजन तथा रोवर इकाई के लीडर डॉ. एस. पी. सिंह ने शिविर प्रशिक्षण के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया और भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक कार्यों में आगे रहने का आह्वान किया।
महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।