जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
उत्तर प्रदेश में शनिवार को आयोजित हुई UP पुलिस SI (दरोगा) भर्ती परीक्षा के एक सवाल को लेकर प्रदेश की राजनीति में घमासान छिड़ गया है। “अवसरवादी कौन?” से जुड़े एक प्रश्न के विकल्प में “पंडित” शब्द का प्रयोग होने पर कई लोगों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर यह प्रश्न तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर बहस का माहौल बन गया है।
वही पटियाली निवासी पूर्व उच्च शिक्षा आयोग सदस्य Neeraj Kishore Mishra ने भी इस मामले में सोशल मीडिया पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि SI भर्ती परीक्षा में “पंडित” शब्द का नकारात्मक और अनुचित संदर्भ में प्रयोग अशोभनीय और आपत्तिजनक है। इससे प्रश्नपत्र बनाने वाले और उसके समीक्षक की अज्ञानता तथा संभावित दुर्भावना झलकती है, जो समाज में अनावश्यक दरार पैदा कर सकती है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस मामले को तुरंत संज्ञान में लेकर जिम्मेदार लोगों को चिन्हित किया जाए और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही नीरज किशोर मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री Mayawati द्वारा इस मुद्दे पर जताए गए विरोध का भी समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि प्रश्नपत्र में ब्राह्मण समाज को अपमानित करने की कोशिश के खिलाफ बहिन मायावती द्वारा विरोध किए जाने पर वह उनका आभार प्रकट करते हैं।
वैसे इस मामले को लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर की है। वही विवादित प्रश्न के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
फिलहाल इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और अब देखना होगा कि इस विवादित प्रश्न को लेकर सरकार और परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी आगे क्या कदम उठाती है।