जागरण टुडे, कासगंज
जनपद कासगंज में एक नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के 43 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस न तो नाबालिग लड़की को बरामद कर सकी है और न ही मुख्य आरोपी तक पहुंच पाई है।
जिससे पीड़ित परिवार में भारी रोष है। लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे परिजनों ने अब मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर परिवार सहित आत्मदाह करने की चेतावनी दे दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला कोतवाली पटियाली क्षेत्र का है। पीड़ित परिवार की ओर से कोतवाली पटियाली में नरवीर पुत्र सतवीर निवासी नगला अजीत थाना जैथरा, जनपद एटा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। दर्ज एफआईआर के मुताबिक 1 फरवरी को आरोपी नरवीर नाबालिग लड़की को घर के पास से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया, जिसके बाद से उसका अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है।
परिजनों का आरोप है कि घटना को डेढ़ महीने से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई बेहद धीमी रही। जबकि उनके द्वारा इस मामले में जिले के पुलिस अधीक्षक से लेकर प्रदेश के डीजीपी तक शिकायतें की जा चुकी है , लेकिन इसके बावजूद अभी तक नाबालिग को बरामद नहीं किया जा सका है और आरोपी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
लापता लड़की के परिजन उसकी सुरक्षा और कुशलता को लेकर बेहद चिंतित हैं। परिवार का कहना है कि वह पिछले कई दिनों से पुलिस और अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं।
इस बीच पीड़िता के भाई ने मीडिया से बातचीत में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही उसकी बहन को सकुशल बरामद नहीं किया गया, तो वह अपने पूरे परिवार के साथ लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री आवास या मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर आत्मदाह करने को मजबूर होगा।
परिवार की इस चेतावनी के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है और कब तक नाबालिग लड़की को बरामद कर पाता है।