जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद कासगंज को दिल्ली रेलमार्ग से जोड़ने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। समाजवादी पार्टी के सांसद देवेश शाक्य ने संसद में यह अहम मुद्दा उठाते हुए कासगंज-एटा रेल परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा कराने और कासगंज को पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ने की मांग की।
सांसद ने कहा कि एटा लोकसभा क्षेत्र रेलवे सुविधाओं के मामले में अभी भी काफी पिछड़ा हुआ है। यहां अब तक रेलमार्ग डबल लाइन से नहीं जुड़ा है और राजधानी दिल्ली से सीधा संपर्क भी नहीं है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने संसद में बताया कि पहले कासगंज-मेंडू-दिल्ली रेलमार्ग की डीपीआर निरस्त हो चुकी है। ऐसे में अब उन्होंने रेलवे मंत्रालय से कासगंज को हाथरस किला रोड के रास्ते दिल्ली से जोड़ने के लिए नई योजना पर काम शुरू करने की मांग की है।
सांसद ने कासगंज जंक्शन को क्षेत्र का महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन बताते हुए कहा कि यहां से कई जिलों के यात्री आवागमन करते हैं। यदि दिल्ली से सीधा रेल संपर्क स्थापित हो जाता है, तो यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और यात्रा समय में भी कमी आएगी।
उन्होंने कासगंज-एटा रेल परियोजना को स्वीकृति देने पर रेल मंत्री का आभार जताते हुए इसे वर्ष 2028 तक हर हाल में पूरा कराने की मांग की। साथ ही कासगंज के अमांपुर मार्ग स्थित आवास विकास क्रॉसिंग, अमांपुर, गंजडुंडवारा और सोरोंजी में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण के लिए बजट आवंटन की भी मांग उठाई।
इसके अलावा सांसद ने पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से कासगंज को जोड़ने का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में पैदा होने वाली चिकोरी समेत अन्य कृषि उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
सांसद देवेश शाक्य ने गंजडुंडवारा रेलवे स्टेशन पर छपरा-मथुरा, कोलकाता-आगरा, साबरमती एक्सप्रेस और अंत्योदय एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की। वहीं मारहरा स्टेशन पर अछनेरा-टनकपुर ट्रेन के स्टॉपेज की भी पैरवी की गई है।
कुल मिलाकर, सांसद की इन मांगों से कासगंज और आसपास के क्षेत्रों में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की उम्मीद एक बार फिर मजबूत होती नजर आ रही है।