सनातनधर्म की मूल भावना ‘जीव दया’ और ‘गौ सेवा’ को साकार करते हुए मंगलवार को जनपद बरेली के कस्बा मीरगंज स्थित कान्हा गौशाला में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय महा वैश्य सम्मेलन के आह्वान पर वैश्य समाज एवं स्थानीय व्यापारी वर्ग के लोगों ने बड़ी संख्या में गौशाला पहुंचकर गौ-सेवा की और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने गौ माताओं को अपने हाथों से हरा चारा, गुड़ और अन्य पौष्टिक आहार खिलाया। श्रद्धा और आस्था से परिपूर्ण इस सेवा भाव ने न केवल गौशाला परिसर को भक्ति के माहौल से भर दिया, बल्कि समाज में करुणा, सहयोग और धर्म के प्रति जागरूकता का भी संदेश दिया।
इस सेवा कार्यक्रम का नेतृत्व मीरगंज व्यापार मंडल अध्यक्ष एवं सर्राफा व्यवसायी राम नारायण गुप्ता तथा अंतरराष्ट्रीय वैश्य महा सम्मेलन के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र रस्तोगी ने किया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गौ सेवा को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है और यह केवल धार्मिक कर्तव्य ही नहीं, बल्कि मानवता का भी प्रतीक है। उन्होंने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे समय-समय पर इस प्रकार के सेवा कार्यों में भाग लेकर गौ संरक्षण को बढ़ावा दें।
कार्यक्रम में उपस्थित वैश्य समाज के लोगों ने गौशाला की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे और बेहतर बनाने के लिए हर संभव सहयोग देने का संकल्प लिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि गौशालाएं केवल पशु संरक्षण का केंद्र नहीं हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान भी हैं, जिनका संरक्षण हम सभी का दायित्व है।
इस अवसर पर राजीव गुप्ता, हरिओम गुप्ता, दीनानाथ गुप्ता, राजेश गुप्ता, प्रमोद रस्तोगी, कुश गुप्ता, सेपू गुप्ता, संजीव गुप्ता, विपिन और शिवकुमार गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में सेवा, संस्कार और समर्पण की भावना को मजबूत किया जाएगा।
कुल मिलाकर यह कार्यक्रम न केवल गौ-सेवा का उदाहरण बना, बल्कि सनातन संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक एकजुटता का भी सशक्त संदेश देने में सफल रहा।