बरेली जनपद के फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में बुधवार को सनातन आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब श्री हरि विष्णु घट-घट वासी के सान्निध्य में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस पावन यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लेकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कस्बे की गलियों में गूंजते भजन-कीर्तन और “हरि नाम” के जयकारों ने माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
कलश यात्रा का शुभारंभ रबर फैक्ट्री कॉलोनी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर पारंपरिक वेशभूषा में यात्रा को गरिमामय रूप दिया। यात्रा कस्बे के मुख्य बाजार, लोधी नगर, भिटौरा और स्टेशन क्षेत्र से होते हुए पुनः मंदिर परिसर में आकर संपन्न हुई। मार्ग में जगह-जगह कस्बा वासियों और व्यापारियों ने फूलों की वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया, जिससे पूरा क्षेत्र धर्ममय और उत्सवमय नजर आया।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत चौकी इंचार्ज अनूप सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हो सका। आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन तीन दिवसीय सत्संग, प्रवचन एवं महायज्ञ कार्यक्रम का हिस्सा है, जो गुरुजी की कृपा और आशीर्वाद से आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम आयोजक राजवीर शर्मा एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमकार श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आध्यात्मिक आयोजन का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार और एकता का संदेश फैलाना है। उन्होंने बताया कि कलश यात्रा के उपरांत लगभग 500 महिलाओं को साड़ी वितरण कर सेवा भाव का परिचय दिया गया, जो सनातन संस्कृति में दान और सेवा की परंपरा को सुदृढ़ करता है।
गुरुवार को कार्यक्रम में गुरुजी द्वारा प्रवचन और सत्संग का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं को जीवन के आध्यात्मिक रहस्यों और धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी जाएगी। इसके पश्चात महायज्ञ का आयोजन होगा और अंत में विशाल भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया जाएगा।
कार्यक्रम में महिला मोर्चा की विभिन्न पदाधिकारियों सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। साथ ही बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे इस आयोजन में शामिल होकर धर्म लाभ अर्जित करते नजर आए। कस्बे के व्यापारियों और नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग करते हुए इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस प्रकार फतेहगंज पश्चिमी में आयोजित यह कलश यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और सामूहिक एकजुटता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरी।