जागरण टुडे, राहुल गुप्ता कासगंज।
सहावर नगर पंचायत क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से कथित रूप से ₹10,000 की अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित लाभार्थियों का आरोप है कि पहली किस्त के रूप में उन्हें पहले ही ₹1 लाख की राशि मिल चुकी है, इसके बावजूद उनसे अतिरिक्त पैसे की मांग की जा रही है। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है।
लाभार्थियों में गुडो देवी, गायत्री देवी, मौसमवती और माजदा सहित कई लोगों ने आरोप लगाया है कि योजना से जुड़ा कर्मचारी बीरेंद्र सिंह द्वारा उन पर दबाव बनाकर पैसे वसूले जा रहे हैं। उनका कहना है कि यह राशि आवास निर्माण के नाम पर मांगी जा रही है, जबकि योजना के तहत ऐसी किसी अतिरिक्त भुगतान की कोई व्यवस्था नहीं है।
पीड़ितों ने इस मामले की शिकायत नगर पंचायत अध्यक्ष नाशी खांन से भी की है। उन्होंने बताया कि कई बार इस मुद्दे को अधिकारियों के सामने उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लाभार्थियों में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
नगर पंचायत अध्यक्ष नाशी खांन ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि संबंधित कर्मचारी “डूंडा” को कई बार समझाया जा चुका है, लेकिन उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस प्रकार की अवैध वसूली पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो इससे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की साख पर असर पड़ेगा। साथ ही, गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाले लाभ में भी बाधा उत्पन्न होगी।
इस पूरे मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस शिकायत पर कितनी जल्दी और प्रभावी कार्रवाई करते हैं, ताकि लाभार्थियों को न्याय मिल सके और योजना का लाभ पारदर्शिता के साथ मिल सके।