उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली के 119 मीरगंज विधान सभा क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार देने वाली एक अहम परियोजना को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। भाखड़ा नदी पर सिंधौली और नरखेड़ा के बीच पुल निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने हरी झंडी दे दी है और इसके लिए पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। करीब 1481.50 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल अब जल्द ही धरातल पर नजर आएगा।
119 मीरगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. डी.सी. वर्मा के लगातार प्रयासों का ही परिणाम है कि आजादी के सात दशक बाद यह महत्वपूर्ण कार्य संभव हो सका है। इस पुल के निर्माण से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
अब तक नरखेड़ा, नरेली रसूलपुर, वीथम नौगवां, बहादुरपुर, मकरीखोह और दूसरी ओर रेतीपुरा, वलेही, पहाड़पुर, मडबा वंशीपुर जैसे गांवों के ग्रामीणों को मीरगंज ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचने के लिए लगभग 15 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। बरसात के मौसम में जब भाखड़ा नदी उफान पर होती थी, तब यह समस्या और भी गंभीर हो जाती थी।
ऐसे में लोगों को मिर्जापुर-धनेटा और नेशनल हाईवे-24 के रास्ते होकर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती थी। पुल बनने के बाद यह दूरी काफी कम हो जाएगी और लोगों को सीधा, सुरक्षित और तेज मार्ग उपलब्ध होगा।
इस पुल का लाभ केवल आवागमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मीरगंज से शाही, शीशगढ़ होते हुए उत्तराखंड तक जाने वाला मार्ग भी आसान और छोटा हो जाएगा। इससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में भी सुधार आएगा।
पुल निर्माण की स्वीकृति की खबर मिलते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने विधायक डॉ. डी.सी. वर्मा का आभार जताते हुए कहा कि यह पुल क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और आने वाले समय में गांवों की तस्वीर बदल देगा।
विधायक डॉ. डी.सी. वर्मा ने बताया कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता रही है। भाखड़ा नदी पर पुल निर्माण भी लंबे समय से उनकी प्राथमिकताओं में शामिल था, जिसे अब मंजूरी मिल चुकी है।
उन्होंने जानकारी दी कि भूमि पूजन के एक माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा और सेतु निगम द्वारा इस परियोजना को पूरा कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि क्षेत्र में जहां भी विकास कार्यों की आवश्यकता है, उन्हें शीघ्र पूरा कराया जाएगा, ताकि मीरगंज को एक सशक्त और विकसित क्षेत्र के रूप में स्थापित किया जा सके।