जागरण टुडे, कासगंज।
जिले में ईद उल-फितर का पर्व इस वर्ष अमन, भाईचारे और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया। जिले भर में 72 ईदगाहों और 211 मस्जिदों में हजारों नमाजियों ने सुबह ईद की नमाज अदा कर देश में सुख-शांति, तरक्की और आपसी सौहार्द की दुआ मांगी।
सुबह से ही ईदगाहों और मस्जिदों के बाहर लोगों की भारी भीड़ देखी गई। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और खुशियां साझा कीं। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह नजर आया, वहीं बाजारों में भी रौनक देखने को मिली।
त्योहार को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक ने स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी की। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे क्षेत्र पर नजर रखी गई। प्रशासन की सक्रियता के चलते कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
इस अवसर पर कारी मोहेब्बे अली मौलाना ने कहा कि ईद हमें भाईचारे, मोहब्बत और इंसानियत का संदेश देती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आपसी मतभेद भुलाकर समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखें।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष विक्रम यादव ने भी जिलेवासियों को ईद की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्योहार खुशियों और आपसी प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने सभी से मिल-जुलकर त्योहार मनाने और समाज में भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।
जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने बताया कि जिले में ईद का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है। प्रशासन ने पहले से ही सभी जरूरी तैयारियां कर ली थीं और हर स्तर पर निगरानी रखी गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन आगे भी इसी तरह जनसहयोग के साथ शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर कासगंज में ईद का त्योहार सौहार्द और एकता की मिसाल बनकर सामने आया, जहां प्रशासन और आमजन के सहयोग से यह पर्व सकुशल संपन्न हुआ।