भगवान श्रीकृष्ण की पावन जन्मस्थली श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान के तत्वावधान में यमुना षष्ठी के अवसर पर मंगलवार को भव्य मंगल कलश शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के दौरान श्रीकृष्ण के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मंगलवार सुबह से ही श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। प्रातः करीब 9 बजे श्रीकेशवदेव मंदिर से गाजे-बाजे और पारंपरिक ध्वज-पताकाओं के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। इसमें महिलाएं मांगलिक परिधान में सिर पर कलश और पूजन सामग्री लेकर शामिल हुईं, जबकि साधु-संत और श्रद्धालु संकीर्तन करते हुए आगे बढ़ते रहे।
शोभायात्रा में सजाई गई झांकियों और भक्ति गीतों ने मार्ग को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयकारे लगाते नजर आए। यात्रा जब विश्राम घाट पहुंची तो वहां का दृश्य और भी भव्य हो गया। भक्तजन भक्ति में लीन होकर नृत्य करने लगे।
विश्राम घाट पर विद्वान पंडितों द्वारा विधि-विधान से श्री यमुना महारानी का पूजन कराया गया। इस दौरान ‘अविरल यमुना-निर्मल यमुना’ का संकल्प भी दिलाया गया। पूजन के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
पूजन के दौरान दुग्धाभिषेक और पुष्प वर्षा से यमुना जल की छटा अत्यंत मनोहारी हो गई। श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित फूलों और दूध की धाराओं ने घाट का दृश्य आकर्षण का केंद्र बना दिया। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों, कर्मचारियों, श्रीकृष्ण संकीर्तन मंडल के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।