जागरण टुडे, कासगंज।
क्रिश्चियन हॉस्पिटल एंड नर्सिंग कॉलेज में प्रिंसिपल को पद से हटाने को लेकर आंतरिक गुटबाजी और विवाद के आरोप सामने आ रहे हैं। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब जीएनएम थर्ड ईयर की एक छात्रा द्वारा प्रिंसिपल पर छेड़खानी के गंभीर आरोप लगाए गए, जिसके बाद संस्थान प्रशासन ने जांच के आधार पर उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया।
हालांकि, मामले में एक दूसरा पक्ष भी सामने आया है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि कॉलेज के अंदर चल रही गुटीय राजनीति के चलते छात्रा को मोहरा बनाकर प्रिंसिपल को हटाने की साजिश रची गई। इस पक्ष के अनुसार, प्रिंसिपल खुद को निर्दोष बताते हुए न्याय के लिए हाईकोर्ट की शरण में गए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
वहीं, संस्थान के भीतर चल रहे विवाद का असर प्रशासनिक स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि डायरेक्टर डॉ. नीना लायल सहित कुछ पदाधिकारियों ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिससे पूरे घटनाक्रम ने और गंभीर रूप ले लिया है।
गौरतलब है कि यह संस्थान पहले भी विवादों में रह चुका है। पिछले छह वर्षों में इस तरह के तीन मामले सामने आ चुके हैं। पूर्व में संस्थान से जुड़े एक मामले में एक छात्रा द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए थे, जबकि करीब दो वर्ष पूर्व एक एकाउंटेंट पर भी छात्रा के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा था। इन घटनाओं ने संस्थान की कार्यप्रणाली और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल खड़े किए हैं।
इस पूरे मामले पर डॉ. नीना लायल का कहना है कि संस्थान में किसी भी प्रकार की अनियमितता या दुराचार को बर्दाश्त नहीं किया जाता। उन्होंने बताया कि छात्रा की शिकायत के बाद गठित जांच समिति की रिपोर्ट में प्रिंसिपल को दोषी पाए जाने पर ही उन्हें बर्खास्त किया गया।
फिलहाल, मामला तूल पकड़ता जा रहा है और अब सभी की नजरें न्यायिक प्रक्रिया और संभावित जांच पर टिकी हुई हैं। सच्चाई क्या है, यह आने वाले समय में जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।