जागरण टुडे, कासगंज।
जनपद की तीर्थ नगरी सोरों में स्थित नवदुर्गा मंदिर को लेकर विद्युत आपूर्ति का मामला इन दिनों विवाद का कारण बन गया है। मंदिर समिति ने सोरों बिजलीघर पर तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कराया है। समिति का कहना है कि मंदिर में लगाए गए निजी ट्रांसफार्मर से जबरन किसी अन्य व्यक्ति को नया विद्युत कनेक्शन देने का प्रयास किया जा रहा है।
मंदिर समिति के सदस्य गौतम मिश्रा के अनुसार, नवदुर्गा मंदिर में सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ट्रांसफार्मर विभाग से विधिवत स्वीकृति प्राप्त कर निजी खर्च पर स्थापित कराया गया था। यह ट्रांसफार्मर केवल मंदिर परिसर की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लगाया गया था। इसके बावजूद संबंधित जेई द्वारा किसी बाहरी व्यक्ति को इसी ट्रांसफार्मर से कनेक्शन देने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसका समिति ने कड़ा विरोध किया है।
समिति का कहना है कि निजी खर्च से लगाए गए ट्रांसफार्मर का उपयोग बिना अनुमति अन्य उपभोक्ताओं के लिए करना नियमों के विरुद्ध है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर समिति ने मुख्य अधीक्षक अभियंता को लिखित शिकायत भेजकर उचित कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही बिजली विभाग की 1912 हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निजी ट्रांसफार्मर से किसी अन्य व्यक्ति को बिना स्वीकृति कनेक्शन देना उचित नहीं है और यह नियमों का उल्लंघन हो सकता है। इससे समिति के आरोपों को बल मिला है।
मंदिर समिति के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि जेई द्वारा बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे न केवल समिति के सदस्यों की भावनाएं आहत हुईं, बल्कि मंदिर की गरिमा भी प्रभावित हुई है। इस व्यवहार को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
वर्तमान में यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर समिति ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।