बरेली जनपद के मीरगंज क्षेत्र के गांव मनकरा से यज्ञ की राख राम गंगा में विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। रामगंगा नदी में नहाने के दौरान तीन बच्चे गहरे पानी में डूब गए, जिनमें से दो को ग्रामीणों ने बचा लिया, जबकि एक बालक लापता हो गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं पुलिस और गोताखोर लापता बच्चे की तलाश में जुटे हैं।
जानकारी के अनुसार,
मीरगंज क्षेत्र
के गांव मनकरा में नव
दुर्गा अष्टमी की रात्रि जागरण का आयोजन हुआ था। नवमी के दिन हवन-यज्ञ के बाद
विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। शनिवार को यज्ञ की राख विसर्जन के लिए बड़ी
संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइकों से रामगंगा नदी स्थित कैलाश गिरी
बाबा मढ़ी घाट पहुंचे। इस दौरान लोग गुलाल-अबीर उड़ाते हुए और डीजे की धुन पर
झूमते हुए घाट पर पहुंचे थे।
राख
विसर्जन के दौरान कुछ लोग नदी में स्नान करने लगे। इसी बीच गांव मनकरा निवासी
अनमोल (14) पुत्र पूसे, कपिल (9) पुत्र अनिल और मेहमान के रूप में आए
अर्जुन (15) पुत्र
ओमवीर शर्मा निवासी गांब ढकिया, तहसील
शाहबाद, जिला रामपुर भी नदी
में उतर गए। नहाते समय तीनों बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।
बच्चों
को डूबता देख मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए नदी में छलांग लगा
दी। काफी प्रयास के बाद अनमोल और कपिल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन अर्जुन का कोई पता नहीं चल सका।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। स्थानीय गोताखोरों को
बुलाकर बच्चे की तलाश शुरू कराई गई, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
हादसे
की सूचना मिलते ही अर्जुन के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। बेटे के लापता होने की
खबर से परिवार में चीख-पुकार मच गई और सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के
अनुसार, पिछले कुछ दिनों में
रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई है।
फिलहाल पुलिस और गोताखोरों द्वारा तलाश अभियान जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी किनारे जाते समय विशेष सावधानी बरतें, खासकर बच्चों को अकेले पानी में न जाने दें।