जागरण टुडे, कासगंज।
जनपद के थाना ढोलना क्षेत्र के गांव छावनी बिलराम में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसे पुलिस और प्रशासन की तत्परता से समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। पूरे मामले में पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है और मौके पर स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक ढोलना जगदीश चंद्र के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 8:56 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर एक सूचना प्राप्त हुई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एसडीएम की अनुमति के बावजूद पुलिस प्रतिमा स्थापना में बाधा डाल रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया।
घटना स्थल पर क्षेत्राधिकारी नगर और नायब तहसीलदार भी पहुंच गए। जांच में सामने आया कि जिस स्थान पर प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा था, वह एक छोटा और विवादित स्थल है, जहां सैकड़ों वर्ष पुराना एक कुआं स्थित है। इस कुएं का उपयोग ग्रामीण पारंपरिक रूप से करते रहे हैं और शादी-विवाह जैसे अवसरों पर इसकी पूजा भी की जाती है। उक्त स्थान पहले से ही चबूतरे के रूप में मौजूद है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गांव निवासी हरिशंकर उर्फ भोले और रिंकू, जाटव समाज के कुछ लोगों तथा ग्राम प्रधान रामदास के सहयोग से बिना प्रशासनिक अनुमति के डॉ. अंबेडकर और भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले भी करीब दो माह पूर्व इसी स्थान पर सौंदर्यीकरण के नाम पर कार्य शुरू किया गया था, जिसे राजस्व टीम और पुलिस ने रुकवा दिया था।
बताया गया कि 29 मार्च को पुनः उक्त स्थान पर दो ओर से दीवार खड़ी कर दी गई थी। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने हरिशंकर उर्फ भोले और ग्राम प्रधान रामदास को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। वहीं, सूचना मिली है कि बनाई गई दीवारों को बाद में हटा दिया गया।
एहतियात के तौर पर मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने ग्रामीणों को बिना अनुमति किसी भी महापुरुष की प्रतिमा स्थापित न करने की सख्त हिदायत दी है। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।