“नम आंखों के बीच हंसमुखी व वी० एन० उपाध्याय को सम्मानपूर्वक विदाई”
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
विकास खंड गंजडुंडवारा क्षेत्र के गांव बनैल स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में सोमवार का दिन भावनाओं से भरा रहा, जब विद्यालय परिवार ने अपने दो समर्पित शिक्षकों—इंचार्ज प्रधानाध्यापिका हंसमुखी और सहायक अध्यापक वी०एन० उपाध्याय—को ससम्मान विदाई दी। यह अवसर केवल सेवानिवृत्ति का नहीं, बल्कि उनके वर्षों के स्वर्णिम सेवाकाल को स्मरण करने और नमन करने का भी था।
मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि शिक्षक का जीवन एक साधना है, जो पीढ़ियों को गढ़ता है। सेवानिवृत्ति अंत नहीं, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने दोनों शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा है, जो सदैव समाज के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
कार्यक्रम में एसआरजी कविराज ने अपनी भावपूर्ण कविता के माध्यम से ऐसा समां बांधा कि हर आंख नम हो गई। उनकी पंक्तियों में शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता स्पष्ट झलक रही थी। वहीं मंच संचालन कर रहे संजय यादव ने बीते पलों को याद करते हुए कई भावुक क्षण साझा किए।
विद्यालय परिवार एवं अन्य विद्यालयों से आए शिक्षकों ने हंसमुखी और वी०एन० उपाध्याय को शॉल, स्मृति चिन्ह और उपहार भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में दोनों शिक्षकों ने अपने सेवाकाल को जीवन की सबसे अमूल्य धरोहर बताते हुए विद्यालय, सहकर्मियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया।
समारोह में परिजनों की उपस्थिति ने माहौल को और भी भावुक बना दिया। सहकर्मियों ने नम आंखों से विदाई देते हुए उनके सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन को याद किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि ऐसे समर्पित शिक्षकों की कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
सम्मान, स्मृतियों और भावनाओं से भरा यह विदाई समारोह न केवल दो शिक्षकों के सेवाकाल का उत्सव था, बल्कि शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को नमन करने का एक प्रेरणादायक क्षण भी बन गया।