जागरण टुडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
सोमवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम एवं अपर सत्र न्यायाधीश शिखा प्रधान की अदालत में एक गंभीर प्रकरण की सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई। अदालत ने आरोपी जितेंद्र पुत्र सत्यप्रकाश, निवासी ब्रह्मपुरी, थाना सोरों को तीन वर्ष के कारावास और चार हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। साथ ही आदेश दिया गया है कि जुर्माने की राशि में से दो हजार रुपये वादी पक्ष को प्रदान किए जाएं।
मामले की जानकारी देते हुए वादी पक्ष के अधिवक्ता केशव मिश्रा ने बताया कि घटना 17 जुलाई 2021 की है। उस दिन पीड़िता, जो कि एक किशोरी है, अपने घर की झोपड़ी में सो रही थी और उसके परिजन घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान आरोपी जितेंद्र ने मौके का फायदा उठाते हुए उसे दबोच लिया और बुरी नियत से दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने थाना सोरों में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित जांच की और पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को विस्तार से सुना गया। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। इसके बाद अदालत ने उसे तीन साल की सजा सुनाने के साथ आर्थिक दंड भी लगाया।
इस फैसले के बाद प्रतिवादी पक्ष में हड़कंप मच गया, वहीं पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने से संतोष व्यक्त किया गया। यह फैसला समाज में महिलाओं और किशोरियों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।