मथुरा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट और अस्वच्छता के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश लखनऊ और जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार को श्री बांके बिहारी जी मंदिर के आसपास पेड़ा विक्रेताओं की दुकानों का सघन निरीक्षण किया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी रीना शर्मा ने मंदिर क्षेत्र से पेड़ा के तीन नमूने जांच के लिए एकत्र किए। वहीं, वृंदावन के विद्यापीठ चौराहा स्थित दुकानों से खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र, रामनरेश और मोहर सिंह की टीम ने पेड़ा के तीन और मिल्क केक का एक नमूना लिया। कुल सात नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। विभाग का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं और आम लोगों को शुद्ध एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। मार्च 2026 के दौरान ही मंदिर क्षेत्र से पेड़ा के 12 नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं।
कार्रवाई के दौरान अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए करीब 664 किलोग्राम दूषित पेड़ा को भी नष्ट कराया गया। विभाग ने दुकानदारों को साफ-सफाई और गुणवत्ता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
इस बीच भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने 1 अप्रैल 2026 से खाद्य पंजीकरण और लाइसेंस व्यवस्था में बदलाव की घोषणा की है। अब पंजीकरण और अनुज्ञप्ति को आजीवन/सतत कर दिया जाएगा। साथ ही, पंजीकरण की वार्षिक टर्नओवर सीमा बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये कर दी गई है। डेढ़ करोड़ से 50 करोड़ तक टर्नओवर वाले प्रतिष्ठानों को राज्य लाइसेंस और 50 करोड़ से अधिक पर केंद्रीय लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।