जनपद बरेली के थाना भमोरा पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने मादक पदार्थ की तस्करी में लिप्त पिता और उसके दो बेटों को 1.750 किलोग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। उनके पास से 87 हजार की नगदी और हेरोइन बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाला पाउडर बरामद किया गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया।
एएनटीएफ यूनिट एसआई विकास यादव ने सोमवार देर रात भमोरा पुलिस को मादक पदार्थ की तस्करी की सूचना दी। जिसके बाद एएनटीएफ और भमोरा पुलिस की संयुक्त टीम ने परमानंद उर्फ पप्पू, उसके बेटे रविन्द्र और यशवीर निवासी जिला बदायूं थाना विनावर गांव भगवानपुर को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम को उनके पास से 1.750 किलोग्राम हेरोइन, 950 ग्राम स्मैक बनाने में प्रयुक्त होने वाला रंग और 87 हजार 520 रुपये बरामद किए गए।
आरोपियों के खिलाफ भमोरा थाने में मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया। सीओ आंवला नितिन कुमार ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और भमोरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तस्करी के आरोप में पिता-पुत्रों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1.750 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये बताई गई है।
312 ग्राम स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार, साथी पहले ही जा चुका जेल
बरेली। जनपद बरेली के थाना फतेहगंज पश्चिमी पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 312 ग्राम स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक बड़ी मात्रा में स्मैक लेकर नेशनल हाईवे स्थित यात्री शेड के पास खड़ा है और किसी को देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी प्रयागराज सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और गांव भोलापुर निवासी गौतम को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 312 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अधिकतर समय उत्तराखंड में रहता है और वहीं से ट्रक चालकों के माध्यम से स्मैक खरीदता है।
वह हेरोइन को अपने गांव के अजय नामक युवक को सप्लाई करता था, जो चार दिन पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपी ने यह भी बताया कि वह खुद भी उत्तराखंड में स्मैक बेचकर अपना खर्च चलाता था। थाना प्रभारी प्रयागराज सिंह के अनुसार आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इस मामले में प्रशांत उर्फ प्यारे गुर्जर नामक एक अन्य आरोपी फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।