जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद कासगंज के ऐतिहासिक सोरों तीर्थ के विकास को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मई 2025 मे आगमन के दौरान सोरों शूकर क्षेत्र को अयोध्या और काशी की तर्ज पर विकसित करने की घोषणा की थी। उस दौरान की गई घोषणा अब धरातल पर उतरती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री की इसी घोषणा के क्रम में सोरों क्षेत्र के पवित्र कुंडों एवं घाटों के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास हेतु लगभग 15.31 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
जिलाधिकारी प्रणय सिंह के निरंतर प्रयासों और प्रभावी पैरवी के चलते इस योजना को मूर्त रूप मिला है। परियोजना के अंतर्गत घाटों का पुनर्विकास, आकर्षक सौंदर्यीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, चेंजिंग रूम तथा फव्वारों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और तीर्थ स्थल की भव्यता में वृद्धि हो।
इस योजना का कंसल्टेशन एवं डिजाइन कार्य उत्तर प्रदेश जल निगम (सीवरेज एवं ड्रेनेज) द्वारा तैयार किया गया है। लगभग 1531.37 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा कार्यदायी संस्था को नामित कर दिया गया है।
परियोजना के पूर्ण होने के बाद सोरों घाटों का स्वरूप पूरी तरह आधुनिक और आकर्षक हो जाएगा, जिससे न केवल धार्मिक महत्व में वृद्धि होगी बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं। यह परियोजना कासगंज को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।