जागरण टुडे, गुड्डू यादव, कासगंज :
जिले की बिलराम नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों से 5 हजार रुपये वसूले जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर लाभार्थियों में असमंजस और नाराजगी का माहौल है। जहां एक ओर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत पात्र लोगों को आवास निर्माण के लिए लगभग ढाई लाख रुपये की सहायता दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर उनसे अतिरिक्त शुल्क लिए जाने के आरोप लग रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा प्रत्येक लाभार्थी से 5 हजार रुपये की रसीद कटवाई जा रही है। रसीद पर “नक्शा पास कराने” का उल्लेख किया जा रहा है, लेकिन कई रसीदों पर न तो किसी सक्षम अधिकारी की मोहर है और न ही स्पष्ट विवरण दर्ज है। इससे लाभार्थियों में संदेह की स्थिति बनी हुई है।
ये कहना है अध्यक्ष पति का
इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता देवी के पति विजयकांत से बातचीत की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी ईओ मोहम्मद नासिर द्वारा दबाव बनाकर अवैध वसूली की जा रही है। उनका कहना है कि जिले की अन्य नगर पंचायतों या नगर पालिकाओं में इस प्रकार की कोई वसूली नहीं हो रही है, जिससे यह मामला और भी संदिग्ध प्रतीत होता है।
ये बोले ईओ प्रभारी
वहीं दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर ईओ प्रभारी मोहम्मद नासिर का अलग पक्ष सामने आया है। उनका कहना है कि यह शुल्क नक्शा पास कराने के लिए लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सामान्यतः नक्शा पास कराने का शुल्क करीब 45 हजार रुपये होता है, लेकिन लाभार्थियों को राहत देते हुए मात्र 5 हजार रुपये में यह कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह शुल्क सभी लाभार्थियों पर समान रूप से लागू है और इसके बदले उन्हें रसीद भी प्रदान की जा रही है।
फिलहाल इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है और लाभार्थियों में असमंजस बना हुआ है कि यह शुल्क वैध है या नहीं। ऐसे में प्रशासन स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश और जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और जरूरतमंदों के हितों की रक्षा हो सके।