बड़ौत (बागपत)। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन (उपजा) के पूर्व महामंत्री और वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय रमेश चंद्र जैन को श्रद्धांजलि देते हुए वक्ताओं ने उन्हें न केवल निर्भीक पत्रकार, बल्कि समाज को जोड़ने वाली धार्मिक एवं सामाजिक शख्सियत बताया। कौशल भवन, बड़ौत में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में पत्रकार, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि रमेश जैन एक जुझारू पत्रकार थे, जिन्होंने जीवनभर पत्रकारों के हितों के लिए संघर्ष किया। वे अपने मित्रों के सच्चे साथी थे और हर समय सहयोग के लिए तत्पर रहते थे। सभा के दौरान महाराष्ट्र से जैन मुनि गणधर आचार्य कुंदकुंद महाराज ने फोन पर शोक व्यक्त करते हुए परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य रखने का संदेश दिया और आशीर्वाद प्रदान किया।
श्रद्धांजलि सभा में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री के.पी. मलिक, पूर्व मंत्री साहब सिंह, भाजपा नगर अध्यक्ष नीरज शर्मा, जैन समाज के प्रधान मुकेश कुमार जैन सहित अनेक लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि जैन समाज में विभिन्न पदों पर रहते हुए रमेश जैन ने शिक्षा संस्थानों और मंदिरों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी धर्मपत्नी ने भी अपने जीवनकाल में बड़ौत के जैन मंदिर में स्वर्ण प्रतिमा भेंट कर धार्मिक कार्यों में योगदान दिया था।
वरिष्ठ पत्रकार अनिल माहेश्वरी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि रमेश जैन का व्यक्तित्व बेहद प्रभावशाली था। उन्होंने बताया कि उपजा की स्थापना के समय से ही रमेश जैन सक्रिय रहे और बाद में संगठन में उनका कद इतना बढ़ गया कि सभी उनसे मार्गदर्शन लेते थे। जनसत्ता के पूर्व मेरठ ब्यूरो प्रमुख अनिल बंसल ने कहा कि रमेश जैन ने बड़ौत ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश में अपनी पत्रकारिता से पहचान बनाई।
नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (यूपी) के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं ‘कलम बरेली’ के संपादक निर्भय सक्सेना ने उन्हें पत्रकारों का सच्चा हितैषी बताया। उन्होंने कहा कि रमेश जैन हमेशा पत्रकारों की समस्याओं को लेकर सरकार तक आवाज पहुंचाते थे। उनके निधन से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
सभा में मेरठ, फिरोजाबाद और अन्य जिलों से आए पत्रकारों व गणमान्य लोगों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।