आगरा। कैलाश मंदिर में चल रहे पर्यटन विकास कार्यों का मंगलवार को मण्डलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण केदौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता के साथ कार्यों को समय से पूरा किया जाए।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ने मण्डलायुक्त को अवगत कराया कि मंदिर परिसर में पहले चरण के विकास कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं। वर्तमान में द्वितीय चरण के अंतर्गत घाट निर्माण, भंडार घर, यमुना दर्शन डेक और पाथवे निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य तेजी से चल रहे हैं। अब तक इन कार्यों की भौतिक प्रगति लगभग 75 प्रतिशत पूरी हो चुकी है।
निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त ने सभी निर्माण स्थलों का जायजा लिया और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि कैलाश मंदिर धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, इसलिए इसके विकास में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है।
इसके साथ ही मण्डलायुक्त ने मंदिर की पुरानी और जर्जर दीवारों के जीर्णोद्धार के निर्देश दिए। उन्होंने गिरासू धर्मशाला को सुरक्षित तरीके से हटाने और पूरे परिसर का समग्र कायाकल्प करने पर जोर दिया। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि विकास कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
मण्डलायुक्त ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप कैलाश मंदिर को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।