जागरण टुडे, फहीम अख्तर, कासगंज ।
जिले में एक निजी रिद्धि पैथोलॉजी लैब पर गलत जांच रिपोर्ट देने और मरीजों के साथ कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने स्वास्थ्य विभाग से जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता सहावर गेट निवासी आकाश के अनुसार, उनके रिश्तेदार नंदू कुमार की तबीयत खराब होने पर एक चिकित्सक के माध्यम से सहावर गेट, अमांपुर बस स्टैंड के पास स्थित “रिद्धि पैथोलॉजी लैब” में 18 अप्रैल को जांच कराई गई। लैब द्वारा जारी रिपोर्ट में नंदू कुमार को मलेरिया पॉजिटिव बताया गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सक ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज के बाद भी उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।
परिजनों का कहना है कि लगातार खराब होती हालत को देखते हुए उन्होंने दूसरी लैब “सिर्निको पैथोलॉजी लैब” में पुनः जांच कराई। दूसरी जांच रिपोर्ट में मलेरिया नेगेटिव पाया गया, जिससे पहली रिपोर्ट की सत्यता पर सवाल खड़े हो गए। परिवार का आरोप है कि पहली लैब द्वारा गलत रिपोर्ट जारी करने के कारण मरीज को अनावश्यक और गलत उपचार मिला, जिससे उसकी सेहत को नुकसान पहुंचा।
शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि उक्त लैब इस प्रकार की हेराफेरी पहले भी अन्य मरीजों के साथ कर चुकी है और आर्थिक लाभ के लिए गलत रिपोर्ट देने का काम करती है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पीड़ित परिवार ने संबंधित अधिकारियों से निवेदन किया है कि जांच पूरी होने तक उक्त लैब के संचालन पर रोक लगाई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, जिले में संचालित अन्य निजी लैब्स की भी नियमित जांच सुनिश्चित करने की मांग की गई है, ताकि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।
यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
जिले में 11 रजिस्ट्रेट लैबो की जगह तीन सौ संचालित
कासगंज। जिले भर में तीन सैकडा से अधिक लैब संचालित हो रही हैं। जो मरीजो के साथ सीधे खिलवाड कर रही है। कोई डिग्री धारी पैथ चिकित्सक न होने पर स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से रोजी रोटी बरकरार है, जबकि जिले में कुल पैथोलॉजी के बारे में बात करें, तो स्वास्थ्य विभग में मात्र 11 लैब ही पंजीकृत है, शेष लैब स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी पर संचालित हो रही है।
ये बोले नोडल अधिकारी
छोलाछाप के नोडल अधिकारी डाँ, उत्कर्ष यादव ने बताया मामला संज्ञान में आया है। जांच पडताल कर कार्रवाई की जायेगी।