जागरण टुडे,कासगंज।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने कासगंज में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश की आधी आबादी को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इसके माध्यम से महिलाओं को विधायिका में अधिक भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका मजबूत होगी।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्ष के रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संसद में इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह विपक्ष की महिला विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी बाधा उत्पन्न करते हैं, जबकि उन्हें महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में खड़ा होना चाहिए था।
बबिता चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विभिन्न योजनाओं और नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने आगे कहा कि देशभर की महिलाओं में इस विषय को लेकर गहरी संवेदनशीलता और आक्रोश देखने को मिल रहा है। महिलाएं अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुकी हैं और वे ऐसे किसी भी विरोध को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं, जो उनके विकास में बाधा बने।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा, राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ तथा जिला मीडिया प्रभारी डॉ. मनोज शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी और जागरूकता को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।