गुड्डू यादव, कासगंज।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बुधवार को अपर जिलाधिकारी दिग्विजय प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपकर जनगणना ड्यूटी से संबंधित विभिन्न समस्याओं को उठाया। संघ के महामंत्री मुनेश राजपूत के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों की व्यावहारिक कठिनाइयों से प्रशासन को अवगत कराते हुए समाधान की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि जनगणना कार्य के लिए शिक्षकों की ड्यूटी उनके तैनाती स्थल या नजदीकी क्षेत्र में ही लगाई जाए। संघ का कहना है कि कई शिक्षकों को 10 से 15 किलोमीटर दूर तक ड्यूटी के लिए भेजा जाता है, जो न केवल असुविधाजनक है बल्कि समय और संसाधनों की दृष्टि से भी उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि वरिष्ठता के आधार पर ही जनगणना सुपरवाइजर और प्रगणक की नियुक्ति की जाए।
इसके साथ ही संगठन ने विद्यालयों में चल रहे नामांकन अभियान और ‘स्कूल चलो अभियान’ को ध्यान में रखते हुए प्रधानाध्यापक और इंचार्ज शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग की। उनका कहना है कि इन अभियानों के दौरान विद्यालय संचालन की जिम्मेदारी अधिक होती है, ऐसे में शिक्षकों को अन्य कार्यों में लगाना शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
संघ ने नगरीय निकाय क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया और सुझाव दिया कि वहां अन्य विभागों के कर्मचारियों को जनगणना कार्य में लगाया जाए। इसके अलावा गंभीर बीमारियों जैसे हृदय रोग, लीवर, किडनी, मधुमेह या दुर्घटना से प्रभावित शिक्षकों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें ड्यूटी से छूट देने की भी मांग की गई।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान शिक्षकों से जनगणना कार्य कराया जाता है, तो उसके बदले उन्हें उपार्जित अवकाश प्रदान किया जाए। इससे शिक्षकों के मनोबल को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप यादव, उपाध्यक्ष गजेंद्र प्रताप सिंह, लेखाकार सुशील बघेल, कोषाध्यक्ष चंद्रमोहन सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।