140वें अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस कार्यक्रम में निजीकरण और बेरोजगारी पर चर्चा
बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन को कई दिन की जद्दोजहद के बाद शुक्रवार एक मई को सुबह प्रशासन से मजदूर दिवस कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मिल पाई। इसके बाद शाम करीब पांच बजे कोतवाली के सामने आंबेडकर पार्क में औपचारिक रूप से 140वें अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस कार्यक्रम मनाया गया।
बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के अध्यक्ष मुकेश सक्सेना ने कार्यक्रम आरंभ किया। शुरूआत में युवाओं ने गीत सुनाए। फेडरेशन महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और काम के बढ़ते घंटों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है और उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। संचालन कर रहे ललित चौधरी ने 8 घंटे काम, 8 घंटे समाज के लिए और 8 घंटे आराम का नारा दोहराया।
यूनाइटेड फोरम बरेली के अध्यक्ष पीके माहेश्वरी ने निजीकरण की नीति को देशहित के खिलाफ बताते हुए बैंकों में भर्ती बढ़ाने और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग उठाई। पीयूसीएल के यशपाल सिंह ने श्रमिकों में बढ़ते आक्रोश का जिक्र करते हुए न्यूनतम वेतन कानून के सख्ती से पालन की मांग की।
उन्होंने दो बुजुर्ग साथियों को हाउस अरेस्ट किए जाने को तानाशाही करार दिया। पुष्पा गंगवार ने पुरानी पेंशन बहाली और टीईटी कानून समाप्त करने की मांग उठाई। इसके अलावा कई वक्ताओं ने श्रमिक अधिकारों और मौजूदा नीतियों पर अपनी बात रखी।
कार्यक्रम के अंत में मजदूर एकता व अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया गया और शिकागो के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।