जागरण टुडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
शहर के निकटवर्ती गांव भिटौना स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका शालिनी शर्मा के निलंबन का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ विद्यालय पहुंचीं और वहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। इस दौरान विद्यालय का माहौल भावुक नजर आया और बड़ी संख्या में बच्चों ने अपनी शिक्षिका के समर्थन में आवाज उठाई।
विद्यालय पहुंचे आयोग सदस्य ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से शिक्षिका के व्यवहार, पढ़ाई और विद्यालय के माहौल को लेकर सवाल किए। बच्चों ने एक स्वर में शिक्षिका शालिनी शर्मा के पक्ष में अपनी बात रखी। छात्र-छात्राओं ने बताया कि शालिनी शर्मा पिछले 27 वर्षों से विद्यालय में तैनात हैं और हमेशा बच्चों को अच्छे संस्कार, अनुशासन और शिक्षा देने का कार्य करती रही हैं।
बच्चों ने कहा कि शिक्षिका सभी छात्रों के साथ समान व्यवहार करती हैं और कभी जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करतीं। विद्यार्थियों ने बताया कि वह पढ़ाई के साथ-साथ शिष्टाचार, नैतिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति की भी जानकारी देती हैं। बच्चों का कहना था कि उनके निलंबन से विद्यालय का शैक्षिक माहौल प्रभावित हुआ है।
विद्यालय के सभी 144 छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षरयुक्त पत्र राज्य महिला आयोग सदस्य रेनू गौड़ को सौंपे। इन पत्रों में शिक्षिका शालिनी शर्मा को पुनः विद्यालय में तैनात किए जाने की मांग की गई। रेनू गौड़ ने छात्रों द्वारा दिए गए पत्र जिलाधिकारी प्रणय सिंह को सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और बच्चों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई की बात कही।
उन्होंने कहा कि बच्चों की बातों को गंभीरता से सुना गया है और पूरे मामले की रिपोर्ट शासन स्तर तक पहुंचाई जाएगी। वहीं विद्यालय में शिक्षिका के समर्थन में छात्रों और अभिभावकों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए मामला अब प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।