जागरण टुडे। पीसीपीएनडीटी (पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक) अधिनियम के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक निजी अस्पताल की अल्ट्रासाउंड/ईको मशीन को सील कर दिया। बुधवार को हुई इस कार्रवाई के बाद जिले में संचालित अन्य अल्ट्रासाउंड केंद्रों में भी हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, पीसीपीएनडीटी समिति की टीम ने 6 मई 2026 को शहर के विभिन्न अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इसी क्रम में उप जिलाधिकारी सदर आदेश कुमार, पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. चित्रेश कुमार निर्मल और समिति सदस्य उत्तम चौधरी की संयुक्त टीम मथुरा हार्ट इंस्टीट्यूट पहुंची।
निरीक्षण के दौरान टीम को अस्पताल में संचालित अल्ट्रासाउंड/ईको मशीन से संबंधित दस्तावेजों और प्रक्रिया में अनियमितताएं मिलीं। प्रारंभिक जांच में पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1994 के नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मशीन को सील कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उद्देश्य भ्रूण लिंग जांच पर रोक लगाना और लिंगानुपात में सुधार लाना है। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में कहीं भी इस कानून की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम अन्य अल्ट्रासाउंड केंद्रों की भी जांच करने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इस कार्रवाई के बाद जिले के निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन ने सभी संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत निर्धारित सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।