जागरण टुडे कासगंज।
जनपद में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग एक बार फिर चर्चाओं में है। कासगंज, सोरों और सहावर क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों से राशन उठान के नाम पर अवैध वसूली किए जाने के आरोप सामने आए हैं। आरोप बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) सुशीला यादव पर लगाए जा रहे हैं। हालांकि मामले में विभागीय स्तर पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
सूत्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े लोगों का दावा है कि कासगंज क्षेत्र के 480, सोरों के 320 तथा सहावर के 280 आंगनबाड़ी केंद्र वर्तमान में सुशीला यादव के प्रभार में हैं। आरोप है कि प्रत्येक केंद्र से राशन उठाने के नाम पर हर तीसरे माह 1500 रुपये की वसूली की जा रही है। यदि इन आंकड़ों को आधार माना जाए तो कुल 1080 केंद्रों से लगभग 16 लाख 20 हजार रुपये की रकम एकत्र किए जाने की बात कही जा रही है।
मामले को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं में भी नाराजगी बताई जा रही है। उनका कहना है कि पहले से ही सीमित मानदेय में कार्य करना कठिन है, ऐसे में अतिरिक्त आर्थिक दबाव से परेशानियां बढ़ रही हैं। हालांकि अधिकांश कर्मचारी खुलकर सामने आने से बच रहे हैं।
चर्चा यह भी है कि पूर्व में जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) का कार्यभार मिलने के दौरान सहायिकाओं की नियुक्तियों में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। शिकायतों के बाद उनसे संबंधित जिम्मेदारी वापस ले ली गई थी। इसके बावजूद तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का एक साथ प्रभार दिए जाने पर विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो मामले की जांच कराई जाएगी।
वर्जन
जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव कुमार ने बताया मार्च के बाद से राशन नहीं आया है अभी अगर इस तरह का कोई साक्ष्य मिलता है, तो निश्चित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।