एसपी ओम प्रकाश सिंह ने लागू की नई मॉनिटरिंग व्यवस्था, हर दिन मांगी जाएगी मेडिकल और कार्रवाई की रिपोर्ट
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद में मारपीट और विवाद के मामलों में घायल पक्ष का मेडिकल कराने के बाद भी एफआईआर दर्ज न किए जाने की शिकायतों पर अब पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने और पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से जिले के सभी थानों के लिए नई निगरानी व्यवस्था लागू कर दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक थाना प्रतिदिन यह रिपोर्ट एसपी कार्यालय भेजेगा कि दिनभर में कितने लोगों का मेडिकल कराया गया, किन मामलों में क्या कार्रवाई की गई तथा मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर दर्ज हुई या नहीं। यदि किसी मामले में मेडिकल के बावजूद कार्रवाई लंबित पाई गई तो संबंधित थाना प्रभारी से जवाब तलब किया जाएगा।
आपको बता दे पुलिस अधीक्षक कार्यालय को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई मामलों में पुलिस घायल पक्ष का मेडिकल तो करा देती थी, लेकिन बाद में प्राथमिकी दर्ज करने में लापरवाही या टालमटोल की जाती थी। इससे पीड़ितों को न्याय के लिए थानों और एसपी कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे।
एसपी ओम प्रकाश सिंह ने स्पष्ट कहा कि आमजन को त्वरित और निष्पक्ष न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है। मेडिकल कराने के बाद कार्रवाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी थाना क्षेत्र में घायल पक्ष की शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
एसपी की इस पहल को पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद मारपीट और विवाद के मामलों में पीड़ितों को जल्द न्याय मिलेगा और थानों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी।