जनपद मथुरा में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड स्तर पर मामलों का निस्तारण किया गया। जिला न्यायालय, कलेक्ट्रेट और तहसील स्तर पर कुल 3,15,031 वाद सुनवाई के लिए लगाए गए थे, जिनमें से 2,39,888 मामलों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष विकास कुमार ने की।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस दौरान मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण, परिवार न्यायालय, फौजदारी न्यायालयों और बैंकिंग मामलों से जुड़े हजारों वादों का समझौते के आधार पर निपटारा हुआ।
मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजेश चौधरी ने 63 मोटर दुर्घटना वादों का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्षकारों को 8.22 करोड़ रुपये से अधिक की प्रतिकर राशि दिलाने के आदेश दिए। इसके अलावा नौ अन्य प्रकीर्ण वाद भी निपटाए गए।
परिवार न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश प्रीति श्रीवास्तव ने 16 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया, जबकि अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश श्री विनय कुमार ने 14 मामलों को सुलझाया। वैवाहिक विवादों से जुड़े प्री-लिटिगेशन प्रार्थना पत्रों का भी निस्तारण किया गया।
फौजदारी न्यायालयों में 32,414 मामलों का निपटारा कर 5.92 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड वसूला गया। वहीं चेक बाउंस के 48 मामलों में करीब 1.96 करोड़ रुपये के भुगतान संबंधी आदेश पारित किए गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों, मोबाइल और फाइनेंस कंपनियों के 1102 प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण करते हुए 6.02 करोड़ रुपये की वसूली कराई गई। जिला एवं तहसील स्तर पर प्रशासनिक विभागों द्वारा भी 2,03,312 मामलों का निस्तारण किया गया।
लोक अदालत के दौरान जिला कारागार मथुरा के बंदियों द्वारा तैयार किए गए ठाकुर जी की पोशाक, मुकुट सज्जा, हथकरघा उत्पाद और एलईडी बल्बों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे लोगों ने काफी सराहा।
कार्यक्रम में मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजेश चौधरी, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रीति श्रीवास्तव, अपर जिला जज रामकिशोर पांडेय, नोडल अधिकारी अरविंद कुमार यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नितिन कुमार समेत बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और वादकारी मौजूद रहे।