नरौली गांव में गूंजे वीरता के जयघोष, सरकारी अवकाश की उठी मांग
जनपद मथुरा के नरौली गांव में वीर शिरोमणि हिंदू हृदय सम्राट महाराणा प्रताप की जयंती के उपलक्ष्य में शनिवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रीय लोगों ने हिस्सा लिया। पूरे गांव में देशभक्ति और वीरता के जयघोष गूंजते रहे।
कार्यक्रम के अध्यक्ष सोनू ठाकुर ने महाराणा प्रताप के शौर्य और संघर्ष को याद करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं, बल्कि हिंदू स्वाभिमान और राष्ट्र गौरव के प्रतीक हैं। उन्होंने मंच से कविता की पंक्तियां सुनाते हुए कहा, “जब-जब मेरी तलवार उठी तो दुश्मन टोली डोल गई, फीकी पड़ी दहाड़ शेर की जब-जब तुमने हुंकार भरी।”
उन्होंने राज्य सरकार और केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि 9 मई को महाराणा प्रताप जयंती पर सरकारी अवकाश घोषित किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके त्याग, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा ले सकें।
शोभायात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होकर निकली, जहां जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। युवाओं ने भगवा ध्वज और महाराणा प्रताप के चित्र लेकर भारत माता के जयकारे लगाए। आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के भी विशेष इंतजाम किए गए थे।
कार्यक्रम में महापौर विनोद अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष राजू यादव, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष मुकेश सिकरवार, सुरेंद्र प्रधान, जितेंद्र राणा, वृंदावन वाले सुनील ठाकुर, पीयूष धनगर, विजय राजपूत, टीटू राघव, मनीष ठाकुर, तेजवीर, पार्षद प्रवीण ठाकुर, करण ठाकुर, नरेश ठाकुर, मुरली ठाकुर, रमेश, डीएन गौतम, काकू ठाकुर, जीतू, आकाश, गज्जू, बंटी पहलवान, जगबीर, जयवीर, दिनेश, मदन सिंह, महेंद्र, बॉबी, गुड्डू, तेज ठाकुर, सोनू भूरा, पवन, अशोक, योगेश, लक्ष्मण, कन्नू कुमार सेन, विनोद, प्रीतम, बृजवासी प्रेमपाल, टीकम, सुनील और श्याम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
आयोजकों ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, संघर्ष और मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पण का प्रतीक है। ऐसे महापुरुषों की जयंती समाज को एकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश देती है।