दिशा बैठक में बिजली, सड़क, जलभराव और योजनाओं पर जवाबदेही तय
मथुरा सांसद हेमा मालिनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में विकास कार्यों, जनसमस्याओं और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर खुलकर मंथन हुआ। बैठक के दौरान सांसद ने बिजली विभाग से लेकर सड़क, जलभराव, एक्सप्रेस-वे, समाज कल्याण और परिक्रमा मार्ग तक तमाम मुद्दों पर अफसरों की जवाबदेही तय करते हुए साफ संदेश दिया कि जनहित से जुड़ी शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक में तेजवीर सिंह सह-अध्यक्ष के रूप में मौजूद रहे, जबकि चंद्र प्रकाश सिंह, पूजा गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। जनकल्याणकारी, रोजगारपरक और गरीबी उन्मूलन योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा हुई और निर्देश दिए गए कि योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
बैठक में बिजली व्यवस्था सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरी। सांसद हेमा मालिनी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि गलत बिजली बिलों की शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए। जर्जर बिजली पोल हटाने, फॉल्ट तत्काल ठीक करने, सीयूजी नंबर पर आने वाली कॉल रिसीव करने और अधिकमास के दौरान परिक्रमा मार्ग पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
सांसद ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने जर्जर सड़कों की मरम्मत, जल जीवन मिशन के कार्यों की नियमित निगरानी और निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता जांच के लिए विशेष टीम गठित करने को कहा। NHAI अधिकारियों को नालों की सफाई, जलभराव खत्म करने और सर्विस लेन से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए।
मथुरा-बरेली एक्सप्रेस-वे पर अवैध कट और अतिक्रमण को लेकर भी सांसद ने सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे की दीवारें जहां क्षतिग्रस्त हैं, वहां तत्काल मरम्मत हो और अनाधिकृत कट बंद किए जाएं। सर्विस लेन का निर्माण जल्द पूरा कर आमजन को राहत देने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बाढ़ और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत राशि की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को करीब 19 करोड़ रुपये राजस्व मद से और 39 करोड़ रुपये बीमा कंपनियों के माध्यम से वितरित किए गए, जबकि ओलावृष्टि से प्रभावित लगभग 65 हजार किसानों को 44 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई।
84 कोस परिक्रमा को लेकर भी समीक्षा हुई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेड, पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा बल, सीसीटीवी कैमरे और खोया-पाया केंद्र जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। सांसद ने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
बैठक के दौरान एक नई पहल ने भी सबका ध्यान खींचा। सांसद हेमा मालिनी ने “सखी अन्नपूर्णा किचन” सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा संचालित इस मॉडल में घर जैसा शुद्ध, पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। भोजन की गुणवत्ता और पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग की सांसद ने सराहना की और कहा कि यह पहल महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनेगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं के सहयोग से शुरू हुई इस पहल में शुरुआती चरण में 15 से 20 महिलाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। भविष्य में इसे विस्तार देकर अधिक स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने और “लखपति दीदी” अभियान को मजबूती देने की योजना है।