चार दिन पहले भाई सुरजीत पर भी लगा था NSA
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पांडेय को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत निरुद्ध कर दिया। गैंगस्टर एक्ट के आरोपी एवं हिस्ट्रीशीटर कुलदीप पांडेय पर किसान हितों की आड़ में अराजक गतिविधियां संचालित करने का आरोप है। इससे चार दिन पहले उसके भाई सुरजीत पांडेय पर भी रासुका लगाया गया था।जिलाधिकारी प्रणय सिंह के आदेश पर हुई इस कार्रवाई के संबंध में बताया गया कि पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने गैंगस्टर आरोपी की बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और कानून-व्यवस्था पर पड़ रहे असर को देखते हुए रासुका की संस्तुति भेजी थी। साक्ष्यों के परीक्षण के बाद प्रशासन ने कार्रवाई को मंजूरी दी।
प्रशासन के मुताबिक कुलदीप पांडेय अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर कथित किसान संगठन की आड़ में अपराधों को अंजाम दे रहा था। आरोपी पर महिला उत्पीड़न, दलित उत्पीड़न, लूट, डकैती, जमीन कब्जाने, अवैध वसूली और रंगदारी जैसे गंभीर आरोपों में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि उसकी गतिविधियों से व्यापारियों, ग्रामीणों और आम नागरिकों में भय का माहौल बना हुआ था।
ढोलना थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी हरनाठेर निवासी कुलदीप पांडेय ने अपने भाइयों आशीष, संदीप और सुरजीत के साथ मिलकर भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) संगठन बनाया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार चारों भाइयों पर कुल 111 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें कुलदीप पर 28, सुरजीत पर 23, आशीष पर 34 और संदीप पर 26 मामले शामिल हैं।
वर्ष 2025 में संगठन के पदाधिकारियो पर लगातार मुकदमे दर्ज होने के बाद तत्कालीन एसपी अंकिता शर्मा के निर्देश पर पुलिस ने संगठन की गतिविधियों की जांच शुरू की थी। इसके बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को जेल भेजा गया था। अब रासुका की कार्रवाई के बाद जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।