ओमकार गंगवार,मीरगंज(बरेली)
श्री बाला जी दरबार समिति, नथपुरा रोड मीरगंज (बरेली) के महंत एवं अध्यक्ष रामकिशोर मौर्य के पूज्य पिता हरचरन लाल मौर्य का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 73 वर्ष के थे। पिछले लगभग 15 दिनों से उनकी तबीयत गंभीर बनी हुई थी और उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही दरबार समिति, श्रद्धालुओं और क्षेत्र के सनातन समाज में शोक की लहर दौड़ गई।
हरचरन लाल मौर्य अपने सरल स्वभाव, संघर्षशील जीवन और परिवार के प्रति समर्पण के लिए क्षेत्र में सम्मानित माने जाते थे। बताया जाता है कि उन्होंने जीवन में अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए कड़ी मेहनत और परिश्रम से अपने परिवार को संभाला तथा बच्चों को बेहतर संस्कार दिए। उनके निधन से परिवार ही नहीं बल्कि उनसे जुड़े हजारों श्रद्धालुओं और परिचितों को गहरा आघात पहुंचा है।
निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग उनके आवास पहुंचे तथा दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
बुधवार शाम निकली उनकी शवयात्रा में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा क्षेत्र “राम नाम सत्य है” के जयघोष से गूंज उठा। हरचरन लाल अपने पीछे तीन पुत्र — प्रदीप मौर्य, रामकिशोर मौर्य और धर्मेंद्र मौर्य — तथा तीन विवाहित पुत्रियां, नाती-पोते सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
उल्लेखनीय है कि उनके पुत्र रामकिशोर मौर्य पिछले करीब डेढ़ दशक से श्री बाला जी दरबार के माध्यम से श्रद्धालुओं की सेवा और धार्मिक कार्यों में सक्रिय हैं। दिवंगत हरचरन लाल मौर्य का दशवां संस्कार आगामी 31 मई रविवार को मीरगंज के मोहल्ला ललितपुरी स्थित दरबार प्रांगण में आयोजित किया जाएगा।