‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से किया आह्वान
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति बढ़ती दिलचस्पी को देश के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए उन्हें अपनी पसंद और जिज्ञासा के अनुसार एस्ट्रोनॉमी क्लबों से जुड़ने की सलाह दी है।
रेडियो कार्यक्रम Mann Ki Baat के ताजा संस्करण में प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में खगोल विज्ञान को लेकर नई पीढ़ी का उत्साह लगातार बढ़ रहा है और अब यह रुचि केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के कई छोटे कस्बों, स्कूलों और सामुदायिक स्थानों पर भी एस्ट्रोनॉमी क्लब सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़ी गतिविधियों में छात्रों की भागीदारी बढ़ने से सीखने की संस्कृति मजबूत हो रही है। उन्होंने माना कि अंतरिक्ष को समझने की जिज्ञासा बच्चों और युवाओं को विज्ञान के करीब लाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कुछ संस्थाओं और क्लबों का उदाहरण देते हुए बताया कि कई संगठन छात्रों के लिए टेलीस्कोप आधारित अध्ययन, रात्रिकालीन अवलोकन, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। उन्होंने Bangalore Astronomical Society का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे समूह युवाओं में विज्ञान को सरल तरीके से लोकप्रिय बनाने का काम कर रहे हैं। साथ ही ग्रामीण इलाकों तक खगोल विज्ञान पहुंचाने के प्रयासों की भी सराहना की।
उन्होंने यह भी कहा कि कई संस्थाएं विद्यार्थियों को तारों की पहचान, स्टार मैप पढ़ने और टेलीस्कोप के उपयोग जैसी व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध करा रही हैं। गुजरात के राजकोट सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय एस्ट्रोनॉमी क्लब खुले आसमान के नीचे अवलोकन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ रहे हैं। इसके अलावा छात्रों के नेटवर्क और विज्ञान मंच अलग-अलग क्लबों को जोड़कर ज्ञान साझा करने का अवसर दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे पढ़ाई के साथ अपनी रुचियों के लिए भी समय निकालें और छुट्टियों का उपयोग नई चीजें सीखने में करें। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्र किसी एस्ट्रोनॉमी क्लब से जुड़ने के साथ तारामंडलों की यात्रा भी करें, ताकि विज्ञान को केवल किताबों में पढ़ने के बजाय अनुभव के माध्यम से समझा जा सके।