पांच बार चालान वाले ई-रिक्शा संचालकों को नोटिस, ज्यादा उल्लंघन पर पंजीकरण निरस्त करने की तैयारी
धार्मिक नगरी वृंदावन और मथुरा में लगातार बिगड़ती यातायात व्यवस्था, अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग को लेकर प्रशासन अब सख्त रुख में दिखाई दे रहा है। सोमवार को गीता शोध संस्थान, वृंदावन स्थित यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मथुरा-वृंदावन की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वृंदावन में अवैध अतिक्रमण, गलत पार्किंग और अनाधिकृत ई-रिक्शा संचालन के खिलाफ तत्काल और निरंतर अभियान चलाया जाए।
बैठक में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र, अपर पुलिस महानिदेशक सुवेंद्र कुमार भगत, मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप, पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान वृंदावन की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चार विशेष टीमें गठित करने का निर्णय लिया गया। इन टीमों में पुलिस, नगर निगम, विकास प्राधिकरण, परिवहन विभाग और स्थानीय समाजसेवियों को शामिल किया जाएगा। पहली टीम छटीकरा चौराहे से रमणरेती चौकी, दूसरी रमणरेती चौकी से जुगलघाट, तीसरी रमणरेती चौकी से केशीघाट और चौथी परिक्रमा मार्ग के अन्य हिस्सों में तैनात रहेगी।
इन टीमों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में लगातार अतिक्रमण हटाने, अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई, अनाधिकृत पार्किंग समाप्त कराने, गलत तरीके से खड़े वाहनों को हटाने और परिक्रमा मार्ग सहित अन्य क्षेत्रों में नियम तोड़ने वाले वाहनों का चालान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अपर पुलिस महानिदेशक सुवेंद्र कुमार भगत ने निर्देश दिए कि प्रत्येक टीम के काम की प्रतिदिन समीक्षा की जाए और फोटोयुक्त रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी दिखनी चाहिए। यातायात सुधार को प्राथमिकता देते हुए अभियान तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप ने सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से लगने वाली रेहड़ी, पटरी और ठेला संचालकों को चिन्हित कर उन्हें व्यवस्थित वेंडिंग जोन में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए, जिससे यातायात बाधित न हो और आमजन को राहत मिल सके।
बैठक में पुलिस उपमहानिरीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय ने अनधिकृत और नियमविरुद्ध चल रहे ई-रिक्शा संचालन पर सख्त नाराजगी जताते हुए कार्रवाई तेज करने को कहा। उन्होंने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन को निर्देश दिए कि जिन ई-रिक्शा संचालकों का पांच बार चालान हो चुका है, उन्हें नोटिस जारी किया जाए। वहीं, इससे अधिक बार नियम उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ पंजीकरण निरस्त कराने की कार्रवाई शुरू की जाए।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने वृंदावन में गठित चारों टीमों की निगरानी के लिए अपर नगर मजिस्ट्रेट वृंदावन राजकुमार चौधरी और क्षेत्राधिकारी सदर को जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि यातायात सुधार अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।