बरेली मंडल में सुस्त गेहूं खरीद और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी का सख्त रुख देखने को मिला। मंगलवार को विकास भवन में आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने गेहूं खरीद के कमजोर प्रदर्शन पर तीखी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाई। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं, राजस्व वसूली, निर्माण कार्यों, चारागाह भूमि, आईजीआरएस शिकायतों और सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए लापरवाही पर कड़ा संदेश दिया।
बैठक की शुरुआत गेहूं खरीद की समीक्षा से हुई, जहां प्रदेश स्तर पर 68 प्रतिशत खरीद के मुकाबले बरेली मंडल में महज 58 प्रतिशत खरीद का आंकड़ा सामने आने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद की सुस्ती किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी और लक्ष्य पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्ती, प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर होंगे चिन्हित
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान आंवला तहसील क्षेत्र में दो अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर सीज किए जाने की जानकारी सामने आई। इस पर मंडलायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों के साथ व्यवहार सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने मरीजों को डिस्चार्ज किए जाने के बाद फीडबैक लेने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की निगरानी की जा सके।
मंडलायुक्त ने सरकारी सेवाओं में रहते हुए निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चारागाह भूमि से कब्जा हटाने और पुराने राजस्व वाद निपटाने के आदेश
बैठक के दौरान चारागाह भूमि पर अवैध कब्जों का मुद्दा भी उठा। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारागाह की जमीनों को तत्काल कब्जा मुक्त कराया जाए और इस संबंध में नियमित निगरानी रखी जाए। साथ ही पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व वादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और आईजीआरएस के तहत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रति सीधे शिकायतकर्ताओं तक पहुंचाने को कहा।
राजस्व वसूली की समीक्षा में सामने आया कि राज्यकर वसूली में पीलीभीत 71 प्रतिशत के साथ मंडल में सबसे आगे रहा, जबकि स्टाम्प रजिस्ट्रेशन के मामले में बरेली ने पहला स्थान हासिल किया। मंडलायुक्त ने अन्य जिलों को भी प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी, इसी सप्ताह काम पूरा करने के निर्देश
विकास कार्यों की समीक्षा में शाहजहांपुर नर्सिंग कॉलेज और कस्तूरबा गांधी विद्यालय सिधौली के निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों परियोजनाओं का कार्य इसी सप्ताह हर हाल में पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
‘मिशन ग्रीन’ पर जोर, लाखों पौधे लगाने का लक्ष्य
बैठक में पर्यावरण संरक्षण और हीटवेव से बचाव को लेकर ‘मिशन ग्रीन’ के तहत वृक्षारोपण अभियान की भी समीक्षा हुई। शाहजहांपुर को सबसे अधिक 38.24 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि बरेली में 33.97 लाख पौधे लगाए जाएंगे। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि छायादार और पर्यावरण अनुकूल पौधों को प्राथमिकता दी जाए ताकि गर्मी से राहत मिल सके।
जिला अस्पतालों में पांच काउंटर और ऑनलाइन व्यवस्था पर जोर
स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से जिला अस्पतालों में पर्चा बनवाने के लिए पांच काउंटर संचालित करने और ऑनलाइन व्यवस्था को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। साथ ही आधार कार्ड आधारित व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा 50 से कम गौवंश वाली गोशालाओं को बड़े केंद्रों में शिफ्ट कर वहां भूसा संग्रहण केंद्र विकसित करने की योजना पर चर्चा हुई।