मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह विवाद में मंगलवार भाईचारे की पहल हुई। जन्मभूमि गेट पर मुस्लिम समाज की राष्ट्रीय नेता रूबी खान, आसिफ खान और एक दर्जन मुस्लिम नेताओं ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद के हिंदू पक्षकार दिनेश शर्मा को एक पत्र सौंपते हुए कहा कि भारत में हिंदू-मुस्लिम समेत सभी मजहब के लोग रहते हैं। यह एकता कायम रहे, इसके लिए भगवान श्रीकृष्ण अपने मूल गर्भगृह में विराजमान होने चाहिए। मुगलों द्वारा जो मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई वह एकता और अखंडता में अभिशाप है, इसकी जगह मुस्लिम बहुल क्षेत्र में ईदगाह का निर्माण हो।
अयोध्या की तरह फैसला आने पर इज्जत पर लगेगा बट्टा
रूबी खान ने कहा कि सभी मुकदमे न्यायालय ने स्वीकार कर लिए हैं। अब मुस्लिम पक्ष टाल नहीं सकता, अयोध्या की तरह फैसला आने पर मुस्लिम समाज की इज्जत पर बट्टा लगेगा, इसलिए न्यायालय के बाहर फैसला होना चाहिए। मुस्लिम मंच के नेता आसिफ खान, सलीम खान ने कहा कि देश की तरक्की के लिए प्रधानमंत्री सबका साथ सबका विकास का नारा देते हुए विकसित राष्ट्र बनाना चाहते हैं, इस मिशन को तभी पूरा किया जा सकता है जब बहुसंख्यक हिंदुओं के आराध्य भगवान योगेश्वर श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर निर्माण में मुस्लिम समाज अपना बड़ा दिल दिखाए।
मुकदमे में पक्षकार ने पहल का किया स्वागत
हिंदूवादी नेता एवं मुकदमे में पक्षकार दिनेश शर्मा ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि हमने पहले ही मुस्लिम समाज से कह दिया है यदि कोई समझौता करते हैं तो 10 एकड़ भूमि और 10 करोड़ रुपये प्रदान करेंगे। इस दौरान न्यास के पदाधिकारियों के साथ अदनान अली, सलीम खान, केसर जहां, आसमा खान, मुमताज बानो, अहमद, मोहम्मद नूर, आमीन कुरैशी, रिजवान अहमद, नादिरा बेगम, प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी पंडित, महिला जिला अध्यक्ष गुंजन शर्मा, राष्ट्रीय महामंत्री अश्वनी कुमार, इंद्रदेव कौशिक, महानगर अध्यक्ष नरेश ठाकुर, राहुल गौतम, विनीत शर्मा, राजेश कृष्ण शास्त्री, राजेश पाठक आदि मौजूद रहे।