शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के जिला शाहजहांपुर में हैंडलूम कारोबारी ने पत्नी और चार वर्षीय बेटे के साथ आत्महत्या कर ली। कारोबारी ने पहले बेटे को चूहे मारने की दवा खिलाई और फिर पत्नी के साथ फंदे पर झूल गया। दंपती लंबे समय से कारोबार में घाटे और कर्ज का दबाव झेल रहे थे। सब्र जवाब दे गया तो उन्होंने खौफनाक कदम उठा लिया।
शाहजहांपुर के रोजा थाना क्षेत्र के मोहल्ला दुर्गा एंक्लेव कॉलोनी के निवासी सचिन ग्रोवर (36) का मोहनगंज में पानीपत हैंडलूम नाम से शो रूम था। वह मकान की दूसरी मंजिल पर पत्नी शिवांगी (34) और चार साल के बेटे फतेह ग्रोवर के साथ रहते थे। एक मंजिल पर उनके बड़े भाई मोहित उर्फ गौरव परिवार के साथ रहते हैं। तीसरे भाई रोहित भी उसी कालोनी में किराए के मकान में रहते हैं। मोहित के बेटे का बुधवार को नामकरण था। सभी लोगों को सुबह आठ बजे गुरुद्वारा जाना था।
मोहित की मां सीमा ने सुबह 8 बजे कहा कि सचिन को देखकर आ रही हूं, अभी तक सोकर नहीं उठा। वह दूसरी मंजिल पर गई और दरवाजा खोला तो देखा सचिन और उसकी पत्नी शिवांगी का शव रस्सी से पंखे के कुंडे से लटका हुआ था। बेटे फतेह का शव बेड पर पड़ा था। उसके ऊपर कंबल डाला गया था। बच्चे के मुंह से झाग निकल रहा था। चूहे मार दवा के दो रैपर भी पड़े थे। मां ने शोर मचाया तो मोहित व परिवार के अन्य लोग पहुंच गए। सूचना पाकर एसपी राजेश द्विवेदी भी अधिकारियों के साथ पहुंचे।
पुलिस को एक कमरे से सचिन के मोबाइल से 14 पन्ने का सुसाइड नोट मिला। जिसमें आर्थिक तंगी और कर्ज होने की बात लिखी है। परिवार वालों ने बताया कि सचिन ने व्यापार के लिए सूदखोरों से ब्याज पर रुपये ले रखे थे। वह सूदखोरों ने काफी परेशान था। फॉरेंसिक टीम ने जांच करके नमूने लिए। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि दंपती ने बेटे को जहर देकर मार डाला और फिर खुद फंदे से लटक गए। सुसाइड नोट मिला है। जिसमें आर्थिक तंगी और कर्ज होने का जिक्र किया गया है। विस्तृत जांच की जा रही है, जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।