बरेली में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश जानलेवा बन गई है। मीरगंज तहसील मीरगंज इलाके में विगत दिनों से हो रही बरसात से जन जीवन अस्त व्यस्त होने लगा है। वहीं वरसात के दौरान कुदरत ने ऐसा कहर ढहाया कि खादर इलाके के एक गांव में झमाझम बरसात से गरीब और बेबा महिला की कच्ची दीवारों पर टिन की छत की पशुशाला भरभरा कर गिर गई जिससे मलबे में दबकर एक दुधारू गाय की मौके पर ही मौत हो गयी। गाय की मौत होने से विधवा के पेट पालने का सहारा छिन गया। ग्रामीणों ने मलबे से गाय को निकाल कर दफन करा दिया।
मीरगंज तहसील क्षेत्र के गांव कपूरपुर में किसी अन्य गांव की रहने वाली एक विधवा महिला काफी समय से रह रही थी। कपूरपुर में बेबा महिला की पुत्री का घर भी है। बेबा महिला भूमिहीन व अत्यंत गरीब होने के नाते ग्राम प्रधान के द्वारा पीएम आवास बनवा दिया गया था जिसमें महिला रह रही थी और वह एक दुधारू गाय को पालन पोषण कर उसके दूध को बेंचकर अपना भरण पोषण कर गुजर बसर कर रही थी।
लेकिन कुदरत का कहर गरीब बेबा पर ऐसा टूटा कि सोमवार को हो रही भीषण बरसात के दौरान उसके आवास के पीछे कच्ची मिटटी की बनी दीवार और टिन की छत दोपहर में भरभारा कर गिर गई। जिसके मलबे में दबकर गाय की मौके पर ही मौत हो गयी। जिससे बेबा महिला की जीवन यापन का सहारा खत्म हो गया। और गाय की मौत से बेबा बिलख बिलख कर रोने लगी। ग्राम के समाज सेवी अशोक कुमार मिश्रा समेत ग्रामीणों ने गरीब एवं भूमिहीन महिला को मुआबजा दिए जाने की प्रशासन एवं शासन से मांग की है।