ईद-ए-मिलादुन्नबी शांति और सौहार्द के वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आहुई। इसमें प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ धार्मिक नेताओं एवं आयोजकों ने भाग लिया।
अपर जिलाधिकारी नगर ने बताया कि 04 और 05 सितम्बर को जिले में बड़ी संख्या में जुलूस निकाले जाएंगे। 04 सितम्बर को 116 और 05 सितम्बर को 718 जुलूस निकलेंगे। इन आयोजनों के साथ ही गणेश विसर्जन और अगस्त्य मुनि की शोभायात्रा भी होगी, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है।
जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि अक्सर देखा जाता है कि सुलह-समझौते के बाद भी आखिरी वक्त पर विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे हालात से बचने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि बिना अनुमति कोई आयोजन न किया जाए और प्रत्येक आयोजन स्थल पर पुलिस-प्रशासन की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में दरगाहे आला हजरत के हाजी जावेद खान ने अपील की कि बारावफात के जुलूसों में डीजे का प्रयोग न किया जाए और केवल पारंपरिक सुराही का ही इस्तेमाल किया जाए। प्रशासन ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए साफ कर दिया कि बारावफात के जुलूसों में डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस अधिकारियों को पहले से ही डीजे संचालकों को अवगत कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आयोजकों ने मांग की कि प्रेमनगर थाने क्षेत्र में तीन स्थानों पर बैरिकेटिंग की जाए, मार्गों से निर्माण सामग्री हटाई जाए और कोहड़ापीर के पास टायर की दुकान के सामने रखे टायर हटवाए जाएं। साथ ही, बरसात के मौसम को देखते हुए जल निकासी की उचित व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने इन सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समय रहते कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में लोगों ने कुछ स्थानीय समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित कराया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लोगों से संवाद कर समस्याओं का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह, एडीएम सिटी सौरभ दुबे, एसडीएम फरीदपुर, आंवला व नवाबगंज, अपर नगर आयुक्त, एसपी नॉर्थ, एसपी ट्रैफिक सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।