जागरण टुडे, कासगंज
सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र के नबाबगंज नगरिया के बाजार में राजकुमार की चाकुओं से गोदकर हत्या किये जाने और उसके दोस्त को चाकू मारकर घायल किये जाने के बाद आरोपियों की 12 घंटे के भीतर पुलिस से मुठभेड़ हो गई। इस घटना में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है। दोनों को घायल अवस्था में उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
एसपी अंकिता शर्मा ने राजकुमार के हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी को पटियाली सीओ संतोष कुमार की देखरेख में चार टीमों का गठन किया था। चारों ही टीम अर्लट थी। पटियाली से उस्मानपुर जाने वाले मार्ग पर बूढ़ी गंगा पुलिया के समीप पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की, तभी आरोपियों ने अपने आपको घिरता देख पुलिस पर सीधी फायरिंग कर दी। पुलिस टीम ने अपना बचाव करते हुए जबाबी फायरिंग कर दी। इस घटना में पुलिस की गोली दोनों अपराधी असलम, शमशुल पुत्रगण कबीर के पैर में लग गई। दोनों घायल हो गये। पुलिस ने दोनों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। दोनों के कब्जे से दो तमंचा,चार जिंदा कारतूस, चार खोखा कारतूस 315 बोर के बरामद किए गये हैं।
इसकी वजह से हुआ था खूनी संघर्ष
दरअसल राजकुमार से असलम ने दस हजार रूपये उधार लिए थे, जब राजकुमार ने अपने पैसे मांगे तो विवाद हो गया। बाद में असलम और शमशुल ने मिलकर राजकुमार की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी और राजकुमार का दोस्त टिंकू घायल हो गया था।
चार टीमो से हुई मुठभेड़
राजकुमार के हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए एसपी अंकिता शर्मा ने सिकंदरपुर वैश्य पुलिस पटियाली पुलिस के अलावा सर्विलांस और एसओजी की टीम को लगाया था। चारों टीमों ने दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरा हत्यारा पुलिस की पकड़ से फरार बना हुआ है।
ये बोली एसपी
सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र के गांव नबाबगंज नगरिया में दो पक्षो में पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। हाथापाई हुई। राजकुमार की धारदार हथियार से हत्या कर दी। तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। सूचना मिली कि असलम और शमशुल उस्मानपुर के जंगल में है। वह भगाने की फिराक में है। इसी बीच पुलिस ने घेराबंदी की, तो आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जबाबी फायरिंग में दोनो के पैर में गोली लगी है। तीसरे आरोपी की तलाश के पुलिस जुटी हुई है।